Our Revered Founder
Honoring the visionary leadership, sacrifice, and enduring legacy behind B.B.M.B.G.K Mahavidyalya, Bihta.
Founding Visionary
B.B.M.B.G.K Mahavidyalya, Bihta
“शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा और समाज के प्रति दायित्व का बोध देने वाली शक्ति है।”
शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन का संकल्प
B.B.M.B.G.K Mahavidyalya, Bihta की स्थापना किसी व्यक्तिगत लाभ अथवा साधारण उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा का प्रकाश पहुँचाने के पावन संकल्प के साथ की गई थी। हमारे पूज्य संस्थापक ने यह अनुभव किया कि दूर-दराज तथा ग्रामीण अंचलों के प्रतिभाशाली युवा उच्च शिक्षण संस्थानों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते।
इसी अभाव को दूर करने के लिए उन्होंने अपना जीवन, साधन और ऊर्जा इस महाविद्यालय की स्थापना में समर्पित कर दी। उनका स्पष्ट मानना था कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, स्वावलंबन और सामाजिक समानता का सबसे सशक्त साधन है।
संस्थापक की मूल प्राथमिकताएँ एवं उद्देश्य
समानता एवं सुलभता
प्रत्येक योग्य छात्र को शिक्षा का अवसर, सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना।
चरित्र एवं अनुशासन
विद्या तभी सार्थक है जब वह विनम्रता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का भाव विकसित करे।
प्रगति एवं नवाचार
परंपरा के सम्मान के साथ आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर निरंतर विकास।
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